हमारे देश में आम जीवन में भ्रष्टाचार व्यापक होता जा रहा है, इसमें दो राइ नहीं. लेकिन जब वोही भ्रष्टाचार हमारे रसोई घर तक पहोच जाये जो जीना मुश्किल हो जाता है . राजकोट शहर में कई समय से रसोई गैस के सिलिंडर में से गैस निकाल कर ग्राहकों दिया जा रहा है. मेरे घर की बात करू तो पांच साल पहले एक सिलिंडर से हमारे घर में पोने दो महीने तक रसोई होती थी वही आजकल एक महीने तक होती है. इस महीने तो सिलिंडर तो १५ दिन में ख़त्म हो गया. यानी की सिलिंडर में से तीन चोथाई गैस निकाला जा चूका था. सिलिंडर डिलीवरी के वक़्त जिस तोलने का यन्त्र है उसमे भी गड़बड़ की गयी होती है. यन्त्र वजन दिखाता है उससे असल में गैस आधा ही होता है. आगे मुश्किल की बात यह है की गैस अजेंसी वाले २१ दिन पहले दूसरे सिलिंडर की बुकिंग भी नहीं करते.
याने की हम सिलिंडर की पूरी कीमत चुकाए और हमें आधा या एक चोथाई गैस मिलता है. और भगवान करे २१ दिन के पहले सिलिंडर ख़तम हो जाए तो केरोसिन से रसोई करने की नौबत आती है. मुझे शंका है की गैस अजेंसी के डिलीवरी कर्मचारी से लेके अजेंसी के मालिक और गैस कंपनी के स्थानीय अफसर भी इस चोरी मे शामिल है. हम आम आदमी किससे से शिकायत करे? क्या करे?
आप में कोई भी इस समस्या से जूज रहे हो तो कृपया इस साईट पर आपके विचार/प्रतिक्रिया लिखे. शायद हमारे शब्द इस बहरी सरकार के कान तक पहोच जाए.
याने की हम सिलिंडर की पूरी कीमत चुकाए और हमें आधा या एक चोथाई गैस मिलता है. और भगवान करे २१ दिन के पहले सिलिंडर ख़तम हो जाए तो केरोसिन से रसोई करने की नौबत आती है. मुझे शंका है की गैस अजेंसी के डिलीवरी कर्मचारी से लेके अजेंसी के मालिक और गैस कंपनी के स्थानीय अफसर भी इस चोरी मे शामिल है. हम आम आदमी किससे से शिकायत करे? क्या करे?
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